
Asha Bhosle death news, मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में खेले जा रहे मुकाबले में मुंबई इंडियंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाड़ियों ने काली पट्टी बांधकर मैदान में उतरकर महान गायिका आशा भोसले को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। मैच शुरू होने से पहले दोनों टीमों ने एक मिनट का मौन भी रखा, जिससे पूरा स्टेडियम शोक में डूबा नजर आया।
क्यों बांधी गई काली पट्टी?
दरअसल, दिग्गज सिंगर आशा भोसले का 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां मल्टी ऑर्गन फेलियर के कारण उनका निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पूरे देश में शोक की लहर है।
क्रिकेट और संगीत के इस भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाते हुए दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने काली पट्टी बांधकर और मौन रखकर उन्हें सम्मान दिया।भारतीय संगीत जगत की प्रख्यात गायिका Asha Bhosle Death का रविवार को निधन हो गया। वे 92 वर्ष की थीं। उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली, जहां उन्हें थकान और सीने में संक्रमण के कारण भर्ती कराया गया था।
Asha Bhosle ने बहुत कम उम्र से, लगभग 10 साल की आयु में, संगीत की दुनिया में कदम रखा था। अपने लंबे और सफल करियर में उन्होंने हजारों गीतों को अपनी आवाज दी और भारतीय फिल्म संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
अपने उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें कई बड़े सम्मान प्राप्त हुए, जिनमें पद्म विभूषण और दादा साहब फाल्के पुरस्कार शामिल हैं। उनका नाम दुनिया में सबसे अधिक गीत रिकॉर्ड करने वाली गायिकाओं में भी दर्ज है, जिसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में मान्यता मिली है।
संगीत में उनकी बहुमुखी प्रतिभा, विविध शैलियों में गायन और दशकों तक सक्रिय उपस्थिति ने उन्हें भारतीय संगीत इतिहास की सबसे प्रभावशाली हस्तियों में से एक बना दिया। उनके निधन से संगीत जगत में एक युग का अंत माना जा रहा है।
Asha Bhosle death : क्रिकेट से था खास लगाव
आशा भोसले को क्रिकेट से खासा लगाव था। वे भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर की बड़ी प्रशंसक थीं। कई मौकों पर उन्होंने क्रिकेट के प्रति अपने प्रेम को खुलकर जाहिर किया था।
70 साल का शानदार करियर
आशा भोसले भारतीय संगीत जगत की सबसे बहुमुखी गायिकाओं में से एक थीं। उन्होंने अपने करियर में:
- 20 से ज्यादा भाषाओं में गाने गाए
- 12,000 से अधिक गीत रिकॉर्ड किए
- 9 फिल्मफेयर अवॉर्ड जीते
- 100 से ज्यादा सम्मान हासिल किए
उनके मशहूर गानों में “दम मारो दम”, “पिया तू अब तो आजा”, “इन आंखों की मस्ती” और “चुरा लिया है तुमने” शामिल हैं।
संघर्ष से सफलता तक का सफर
सांगली, महाराष्ट्र में जन्मी आशा भोसले ने बचपन में गरीबी देखी। कम उम्र में पिता के निधन के बाद उन्होंने अपनी बहन लता मंगेशकर के साथ मिलकर परिवार की जिम्मेदारी संभाली। शुरुआती दौर में उन्हें कई बार रिजेक्शन झेलना पड़ा, यहां तक कि एक बार उन्हें स्टूडियो से यह कहकर निकाल दिया गया कि उनकी आवाज अच्छी नहीं है।
लेकिन अपने संघर्ष और मेहनत के दम पर उन्होंने संगीत की दुनिया में ऐसा मुकाम हासिल किया, जो आज भी मिसाल है।
परिवार और शुरुआती संघर्ष
आशा भोसले, मशहूर थिएटर कलाकार और शास्त्रीय गायक दीनानाथ मंगेशकर की बेटी और महान गायिका लता मंगेशकर की छोटी बहन थीं।
जब वह सिर्फ 9 साल की थीं, तब उनके पिता का निधन हो गया था। इसके बाद परिवार की जिम्मेदारी उठाने के लिए उन्होंने कम उम्र में ही अपनी बहन लता मंगेशकर के साथ गाना शुरू कर दिया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपने संघर्ष और मेहनत से संगीत जगत में एक अलग पहचान बनाई।
सिंगिंग के साथ कुकिंग और बिजनेस में भी महारत
आशा भोसले सिर्फ एक महान गायिका ही नहीं, बल्कि एक बेहतरीन कुक भी थीं। वह अक्सर कहती थीं कि अगर सिंगर नहीं बनतीं, तो शेफ बनतीं।
उनके हाथ के बने कढ़ाई गोश्त और बिरयानी के फैन राज कपूर से लेकर ऋषि कपूर तक रहे।
अपने इसी शौक को उन्होंने बिजनेस में बदला और ‘Asha’s’ नाम से एक ग्लोबल रेस्टोरेंट चेन शुरू की। इसका पहला रेस्टोरेंट दुबई में खुला, जिसके बाद कुवैत, बर्मिंघम, मैनचेस्टर और अबू धाबी जैसे शहरों में भी इसका विस्तार हुआ। खास बात यह है कि वे खुद अपने रेस्टोरेंट के शेफ्स को ट्रेनिंग देती थीं।
इंटरनेशनल म्यूजिक में भी पहचान
आशा भोसले की आवाज सिर्फ बॉलीवुड तक सीमित नहीं रही। मार्च 2026 में ब्रिटिश वर्चुअल बैंड Gorillaz की एल्बम “The Mountain” में उनका गाना शामिल हुआ, जो उनके करियर का आखिरी इंटरनेशनल प्रोजेक्ट माना जा रहा है।
दिग्गज गायकों के साथ सुपरहिट जोड़ी
आशा भोसले ने अपने करियर में कई दिग्गजों के साथ काम किया:
- मोहम्मद रफी के साथ 900+ गाने
- किशोर कुमार के साथ 600+ गाने
- लता मंगेशकर के साथ ~80 गाने
- आरडी बर्मन के लिए 500+ गाने
- ओपी नैयर के साथ 300+ गाने
इन सहयोगों ने भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
अंतिम श्रद्धांजलि
Asha Bhosle का योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा। उनका संगीत हमेशा याद दिलाता रहेगा कि सच्ची कला कभी मरती नहीं, वह हमेशा अमर रहती है।
ॐ शांति
Source: Asha Bhosle death
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