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Nepal Protests 2025 : 20 की मौत, गृह मंत्री का इस्तीफ़ा,सोशल मीडिया बैन हटा – क्या बांग्लादेश की तरह नेपाल में भी तख्तापलट होगा

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Nepal Protests 2025

Nepal Protests 2025: नेपाल में सोशल मीडिया बैन हटने के बाद भी हालात काबू से बाहर हैं। विरोध प्रदर्शनों में 20 लोगों की मौत और 400+ घायल हुए। पीएम ओली ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया। गृह मंत्री ने इस्तीफ़ा दिया, जबकि भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। क्या नेपाल में तख़्तापलट की स्थिति बन रही है? पूरा अपडेट पढ़ें। सोशल मीडिया बैन के खिलाफ Gen-Z का गुस्सा हिंसा में बदल गया। अब तक 20 मौतें, 400 घायल और गृह मंत्री का इस्तीफा। क्या नेपाल में तख़्तापलट की स्थिति बन रही है? पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

नेपाल में सोशल मीडिया बैन पर बवाल: 20 की मौत, गृह मंत्री का इस्तीफा – क्या तख़्तापलट की स्थिति बन रही है?

नेपाल इस समय अभूतपूर्व संकट से गुजर रहा है। सरकार द्वारा फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और व्हाट्सएप जैसे 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगाने के बाद देशभर में हिंसक विरोध शुरू हो गया है। खासतौर पर Gen-Z यानी 18 से 28 साल के युवाओं ने इस बैन को अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला बताया और सड़कों पर उतर आए।

Nepal Protests 2025 : 20 की मौत, गृह मंत्री का.

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सोशल मीडिया बैन क्यों हुआ?

नेपाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद सभी सोशल मीडिया कंपनियों को 7 दिन के भीतर रजिस्ट्रेशन कराने का आदेश दिया था। इसके तहत कंपनियों को नेपाल में लोकल ऑफिस खोलना, कंटेंट मॉडरेशन के लिए लोकल अधिकारी रखना और यूज़र डेटा सरकार से साझा करना जरूरी था।
यूट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसी बड़ी कंपनियों ने इन शर्तों को महंगा और निजता का उल्लंघन मानते हुए रजिस्ट्रेशन नहीं कराया। नतीजतन, 4 सितंबर को नेपाल सरकार ने इन प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगा दिया।

हिंसा और मौतों का आंकड़ा

गृह मंत्री का इस्तीफा

हिंसक प्रदर्शनों और लगातार बढ़ती मौतों के बीच नेपाल के गृह मंत्री रमेश लेखक ने इस्तीफा दे दिया। उन्होंने हिंसा की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि देश की स्थिति पर नियंत्रण नहीं रख पाने के कारण उन्होंने यह फैसला लिया।

ओली सरकार का सख्त रुख

प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने साफ कहा है कि सरकार “Gen-Z उपद्रवियों” के दबाव में नहीं आएगी और सोशल मीडिया पर लगा प्रतिबंध जारी रहेगा। हालांकि, सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर ही दरारें दिखने लगी हैं। नेपाली कांग्रेस के कई मंत्रियों ने बैन हटाने की मांग करते हुए बैठक से वॉकआउट किया।

क्या तख़्तापलट की स्थिति बन रही है?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नेपाल में हालात सामान्य विरोध से कहीं आगे निकल चुके हैं। सेना की तैनाती, गृह मंत्री का इस्तीफा, सत्तारूढ़ गठबंधन में मतभेद और जनता की आक्रामकता को देखते हुए यह सवाल उठ रहा है कि क्या नेपाल में तख़्तापलट की नौबत आ सकती है?
हालांकि अभी तक सेना ने सीधे तौर पर सत्ता बदलने के संकेत नहीं दिए हैं, लेकिन हालात अस्थिर बने हुए हैं। अगर सरकार ने जल्द ही पारदर्शिता और संवाद का रास्ता नहीं अपनाया तो नेपाल राजनीतिक उथल-पुथल की बड़ी स्थिति में फंस सकता है।

भारत पर असर और बॉर्डर पर सुरक्षा

नेपाल के इस हिंसक आंदोलन का असर अब भारत पर भी दिखाई देने लगा है। खासकर उत्तर प्रदेश और बिहार से सटे नेपाल बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर नेपाल में अशांति लंबे समय तक चलती है, तो इसका सीधा असर भारत के सीमावर्ती इलाकों पर पड़ेगा—खासकर व्यापार, सुरक्षा और पलायन के रूप में।

News Update

Nepal Protests2025: सोशल मीडिया बैन टूटा लेकिन हिंसा में 20 की मौत, गृह मंत्री का इस्तीफ़ा और यूपी सीमा पर चौकसी

नेपाल में जारी जनआंदोलन ने सरकार को बड़ा झटका दिया है। सोमवार देर रात प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की कैबिनेट ने 26 सोशल मीडिया ऐप्स पर लगाया गया प्रतिबंध हटाने का ऐलान किया। इनमें Facebook, X (Twitter), YouTube, Instagram, WhatsApp समेत कई प्लेटफ़ॉर्म शामिल थे।

यह निर्णय तब लिया गया जब विरोध प्रदर्शन हिंसक रूप ले चुका था। अब तक 19–20 लोगों की मौत और 300 से अधिक घायल हो चुके हैं। हालात बिगड़ने के बाद सरकार ने हिंसा की जांच के लिए जन एड्स कमिटी गठित की है, जो 15 दिनों में रिपोर्ट पेश करेगी।

पीएम ओली का रुख – “यह लोकतंत्र पर हमला”

प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इस आंदोलन को “लोकतंत्र पर हमला” बताया। उनका कहना है कि Gen-Z युवाओं का विद्रोह सरकार को झुकाने की कोशिश है, लेकिन प्रशासन सख्ती बरतेगा।
कैबिनेट बैठक में ओली ने साफ किया कि सरकार का फैसला सही था और इसमें किसी तरह की नरमी नहीं दिखाई जाएगी।
हालांकि, बैठक के दौरान ही सत्तारूढ़ गठबंधन में मतभेद उभरे और कुछ कांग्रेस मंत्रियों ने बैठक से वॉकआउट किया।

हिंसा और मौतों का बढ़ता आंकड़ा

गृह मंत्री रमेश लेखक ने इस पूरे घटनाक्रम के बाद नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफ़ा दे दिया।

भारत पर असर – यूपी सीमा पर सुरक्षा कड़ी

नेपाल की उथल-पुथल का असर भारत पर भी दिखाई देने लगा है।

घटनाएँविवरण
सोशल मीडिया बैन हटानाविरोध और मौतों के बाद 26 ऐप्स पर से बैन हटा
मौतें व घायल19–20 मौतें, 300+ घायल
पीएम ओली का बयान“लोकतंत्र पर हमला”, उपद्रवी होने का आरोप
गृह मंत्री का इस्तीफ़ारमेश लेखक ने पद छोड़ा
भारत पर असरयूपी सीमा पर सुरक्षा कड़ी, व्यापार प्रभावित
तख़्तापलट की अटकलेंसेना की तैनाती और अस्थिरता से सवाल तेज़

Source:google News

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