
Dhanteras 2025 की तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और सोना-चांदी खरीदने के उत्तम समय के बारे में जानें। धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और कुबेर जी की पूजा विधि व मंत्रों के साथ पाएं धन, स्वास्थ्य और समृद्धि का आशीर्वाद।
धनतेरस 2025: तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
दीपावली पर्व की शुरुआत धनतेरस से होती है, जिसे धन त्रयोदशी भी कहा जाता है। यह पर्व कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन धन के देवता कुबेर, मां लक्ष्मी और आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि की पूजा का विशेष महत्व होता है।
धार्मिक मान्यता है कि धनतेरस के दिन की गई खरीदारी से धन 13 गुना बढ़ता है और घर में लक्ष्मी का स्थायी वास होता है।
Dhanteras 2025 की तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त
- धनतेरस तिथि: 18 अक्टूबर 2025 (शनिवार)
- पूजा मुहूर्त: शाम 7:11 बजे से रात 9:22 बजे तक (कुल अवधि – 2 घंटे 12 मिनट)
- इस समय में घर या ऑफिस में पूजा करना अत्यंत शुभ माना गया है।
Dhanteras 2025: सोना-चांदी और खरीदारी के सबसे शुभ चौघड़िया मुहूर्त
| मुहूर्त | समय | फल |
|---|---|---|
| शुभ काल | सुबह 7:49 से 9:15 तक | सौभाग्य वृद्धि |
| अमृत काल | सुबह 10:40 से 12:06 तक | सफलता व लाभ |
| लाभ-उन्नति काल | दोपहर 1:51 से 3:18 तक | व्यापार में उन्नति |
इन शुभ समयों में सोना, चांदी, तांबे के बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं और वाहन खरीदना अत्यंत लाभदायक रहेगा।
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धनतेरस(Dhanteras 2025) पूजा विधि (Puja Vidhi)
- सबसे पहले घर की पूरी साफ-सफाई करें और दरवाजे पर रंगोली और दीप सजाएं।
- पूजन स्थल पर लाल कपड़ा बिछाकर उस पर मां लक्ष्मी, कुबेर जी और भगवान धन्वंतरि की प्रतिमाएं स्थापित करें।
- गंगाजल से स्नान कराएं और धूप, दीप, पुष्प और अक्षत अर्पित करें।
- तिजोरी, खाता-बही या नए व्यवसायिक दस्तावेजों की पूजा भी करें।
- शाम के समय दक्षिण दिशा में यमराज के नाम से दीपक जलाएं, इससे अकाल मृत्यु का भय दूर होता है।
धनतेरस(Dhanteras 2025) के पूजन मंत्र
🌸 लक्ष्मी मंत्र:
“ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः॥”
💰 कुबेर मंत्र:
“ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये नमः॥”
🧴 धन्वंतरि मंत्र:
“ॐ नमो भगवते वासुदेवाय धन्वंतरये अमृतकलशहस्ताय सर्वभयविनाशनाय नमः॥”
इन मंत्रों का जप करने से धन की वृद्धि, रोगों से मुक्ति और जीवन में समृद्धि आती है।
शुभ फल प्राप्ति के उपाय
- धनतेरस की शाम मुख्य द्वार पर 13 दीपक जलाएं।
- घर के मंदिर में 11 बार श्री सूक्त का पाठ करें।
- मंत्र “ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णुपत्नी च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात्” का जप करें।
यह मंत्र धन और सौभाग्य की वृद्धि करता है।
धनतेरस का महत्व
धनतेरस का पर्व भगवान धन्वंतरि के समुद्र मंथन से अमृत कलश लेकर प्रकट होने की स्मृति में मनाया जाता है।
इस दिन आयुर्वेद, स्वास्थ्य, और धन-समृद्धि के तीनों रूपों की आराधना की जाती है।
सोना-चांदी, बर्तन या नई वस्तु की खरीदारी से पूरे वर्ष शुभता और लक्ष्मी कृपा बनी रहती है।
दिवाली पूजा मुहूर्त (20 अक्टूबर 2025)
- प्रदोष काल: शाम 5:46 बजे से रात 8:18 बजे तक
- लक्ष्मी-गणेश पूजा मुहूर्त: शाम 7:08 बजे से 8:18 बजे तक
दिवाली की रात माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा से घर और ऑफिस दोनों में सुख-समृद्धि आती है।
निष्कर्ष
धनतेरस 2025 केवल धन-संपत्ति का ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य, समृद्धि और सकारात्मकता का प्रतीक है।
इस दिन भगवान धन्वंतरि, कुबेर और मां लक्ष्मी की आराधना करने से जीवन में सुख, सौभाग्य और वैभव प्राप्त होता है।
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इस लेख में दी गई सभी जानकारी धार्मिक मान्यताओं, ज्योतिषीय गणनाओं और पंचांग के आधार पर तैयार की गई है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी और जनजागरूकता फैलाना है।
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पाठक किसी भी पूजा, अनुष्ठान या खरीदारी संबंधी निर्णय अपने विवेक और स्थानीय पुरोहित या ज्योतिषाचार्य की सलाह से लें।
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