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Holi 2026 Date: होली कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और महत्वपूर्ण जानकारी

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Holi 2026 Date: जानें 2026 में होली कब है, होलिका दहन की सही तारीख, शुभ मुहूर्त, भद्रा काल, चंद्रग्रहण का प्रभाव और पूरी पूजा विधि की जानकारी।

Holi 2026 date

Image by Pavan Prasad from Pixabay

Holi 2026 Date:इस बार होली की तारीख को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। देश के कुछ हिस्सों में 3 और 4 मार्च को होली मनाने की चर्चा है, होली हिंदू धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उल्लासपूर्ण पर्व है। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत, प्रेम, भाईचारे और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। हर साल फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को होलिका दहन किया जाता है और अगले दिन रंगों की होली खेली जाती है। वर्ष 2026 में होली की तारीख को लेकर कुछ भ्रम की स्थिति है, इसलिए यहां हम आपको सही और स्पष्ट जानकारी दे रहे हैं।

कब है होली Holi 2026 Date ?

वर्ष 2026 में:

रंग खेलने की होली हमेशा पूर्णिमा के अगले दिन मनाई जाती है।

होलिका दहन 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त

भद्रा काल

भद्रा काल में होलिका दहन करना अशुभ माना जाता है, इसलिए दहन भद्रा समाप्त होने के बाद ही किया जाएगा।

शुभ मुहूर्त Holi 2026 Date

3 मार्च 2026, शाम 6:22 बजे से रात 8:50 बजे तक
इस अवधि में होलिका दहन करना शुभ रहेगा।

चंद्रग्रहण का प्रभाव

3 मार्च 2026 को चंद्रग्रहण भी लग रहा है:

ग्रहण के कारण 3 मार्च को रंग खेलने की परंपरा नहीं निभाई जाएगी। इसलिए रंगों की होली 4 मार्च 2026 को मनाई जाएगी।

होलिका दहन की पूजा विधि

  1. प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  2. शाम को पूजा सामग्री तैयार करें।
  3. दहन स्थल पर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें।
  4. रोली, अक्षत, हल्दी, गुड़, चना, गेहूं की बालियां, गुलाल और फल-फूल अर्पित करें।
  5. विधिपूर्वक पूजा कर अग्नि प्रज्वलित करें और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें।

होली का महत्व

होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा और नई शुरुआत का संदेश देने वाला पर्व है। होलिका दहन हमें नकारात्मक विचारों को त्यागने और जीवन में प्रेम व सद्भाव अपनाने की प्रेरणा देता है।

निष्कर्ष

साल 2026 में होली 4 मार्च को और होलिका दहन 3 मार्च को किया जाएगा। भद्रा और चंद्रग्रहण के कारण समय का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। सही मुहूर्त में पूजा और दहन करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है। Daiily News वेबसाइट/लेखक किसी भी त्रुटि या परिणाम के लिए जिम्मेदार नहीं होगा। किसी भी धार्मिक अनुष्ठान, पूजा या शुभ कार्य से पहले अपने स्थानीय पंडित, ज्योतिषाचार्य या अधिकृत पंचांग से पुष्टि अवश्य करें।

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