Vaibhav Suryavanshi धाकड़ हिटर को इंडिया A की ओर से Super Over में न भेजना बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। एशिया कप राइजिंग स्टार्स 2025 के सेमीफ़ाइनल में शुक्रवार को इंडिया A और बांग्लादेश A के बीच रोमांचक मुकाबला खेला गया। यह मैच इतना कड़ा रहा कि 40 ओवर की संयुक्त बल्लेबाज़ी के बाद दोनों टीमें 194–194 पर बराबर रहीं। परिणाम का फैसला सुपर ओवर से होना था,

मैच का उतार-चढ़ाव: आखिरी गेंद तक रोमांच
सुपर ओवर में वैभव सूर्यवंशी को न भेजने पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। टूर्नामेंट के सबसे सफल और पावरहिटर बल्लेबाज़ को डगआउट में बैठाकर इंडिया A ने बड़ा जोखिम लिया, जो भारी पड़ा। जितेश शर्मा और आशीष शर्मा के गोल्डन डक ने टीम को 0 रन पर ऑल आउट करा दिया और इंडिया A को बांग्लादेश A के खिलाफ करारी हार झेलनी पड़ी।
बांग्लादेश A ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 195 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा। जवाब में इंडिया A ने शानदार शुरुआत की, लेकिन बीच में लगातार विकेट गिरने से मैच फिसलता गया। आखिरी ओवर में रोमांच चरम पर था, जब टीम को जीत के लिए 10 रनों की जरूरत थी और उन्होंने संघर्ष करते हुए 194/6 का स्कोर बनाया—बांग्लादेश A के स्कोर के बिल्कुल बराबर।
मैच टाई हुआ, और अब सबकी निगाहें सुपर ओवर पर टिक गई थीं।
सुपर ओवर में चौंकाने वाला फैसला— Vaibhav Suryavanshi बाहर!
जैसे ही इंडिया A की बल्लेबाज़ी शुरू हुई, सभी को उम्मीद थी कि वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi), जिन्होंने टूर्नामेंट में कई बार विस्फोटक हिटिंग से मैच पलटे थे, उन्हें भेजा जाएगा। लेकिन कप्तान जितेश शर्मा ने एक हैरानी भरा निर्णय लिया।
सुपर ओवर में बल्लेबाज़ी के लिए उतरे:
- जितेश शर्मा (कप्तान)
- रामांदीप सिंह
फैंस को उम्मीद थी कि सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) तीसरे नंबर पर जाएंगे, लेकिन वह बेंच पर ही बैठे रह गए।
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सुपर ओवर में इंडिया A की करारी हार
सुपर ओवर की शुरुआत ही निराशाजनक रही।
- पहली ही गेंद पर जितेश शर्मा आउट!
- इसके बाद उम्मीद थी कि सूर्यवंशी को भेजा जाएगा, लेकिन टीम मैनेजमेंट ने एक और चौंकाने वाला फैसला लेते हुए आशीष शर्मा को उतारा।
- लेकिन आशीष शर्मा भी पहली ही गेंद पर आउट हो गए।
सिर्फ दो गेंदों में दो विकेट गिरने के साथ इंडिया A 0 रन पर ऑल-आउट हो गई।
बांग्लादेश A ने आराम से लक्ष्य हासिल कर फाइनल में प्रवेश किया।
जितेश शर्मा ने ली पूरी जिम्मेदारी — “यह मेरा निर्णय था…”
मैच के बाद पोस्ट-मैच प्रेज़ेंटेशन में कप्तान जितेश शर्मा ने बड़ा बयान दिया और सुपर ओवर में सूर्यवंशी को न भेजने के फैसले की जिम्मेदारी खुद ली।
उनके शब्द थे: “यह मेरा और टीम मैनेजमेंट का फैसला था। सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) और प्रियंश आर्य पावरप्ले के मास्टर हैं, लेकिन डेथ ओवर में बड़े शॉट मारने की जिम्मेदारी मेरे, आशीष और रामन की थी। इसलिए हमने हाई-परसेंटेज विकल्प चुना।”
उन्होंने यह भी माना कि मैच में उनका आउट होना ही बड़ा टर्निंग पॉइंट था: “मैं पूरी जिम्मेदारी लेता हूँ। सीनियर होने के नाते मुझे मैच खत्म करना चाहिए था। हम आगे थे लेकिन आखिरी ओवरों में युवा खिलाड़ी दबाव में आ गए। यह सीखने का दौर है और वो अनुभव के साथ बेहतर होंगे।”

सोशल मीडिया पर गुस्से की लहर
मैच खत्म होने के साथ ही ट्विटर (X), इंस्टाग्राम और क्रिकेट फोरम्स पर #VaibhavSuryavanshi ट्रेंड करने लगा।
फैंस का गुस्सा साफ था:
- “सुपर ओवर में सबसे बड़े हिटर को क्यों नहीं भेजा?”
- “टीम मैनेजमेंट की सबसे बड़ी गलती!”
- “वैभव सूर्यवंशी होते तो नतीजा अलग हो सकता था!”
कई पूर्व क्रिकेटरों ने भी हैरानी जताई और इस रणनीतिक गलती को “खेल बदलने वाला फैसला” बताया।
वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) क्यों हैं सुपर ओवर के सर्वश्रेष्ठ विकल्प?
फैंस का गुस्सा जायज़ भी लगता है, क्योंकि:
- सूर्यवंशी डेथ ओवर में 180+ स्ट्राइक रेट से बल्लेबाज़ी कर चुके हैं
- टूर्नामेंट में कई बार आखिरी ओवरों में मैच पलट चुके हैं
- लंबे हिट्स मारने की क्षमता रखते हैं
- दबाव में शांत रहने के लिए प्रसिद्ध हैं
ऐसे खिलाड़ी को सबसे अहम समय पर बाहर रखना वाकई बड़ा सवाल उठाता है।
टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर सवाल
इस फैसले ने टीम की रणनीति पर कई सवाल खड़े कर दिए:
- क्या कप्तान ने गलत निर्णय लिया?
- क्या सूर्यवंशी को पहले से ही सुपर ओवर में न भेजने की योजना थी?
- क्या कम्युनिकेशन में गड़बड़ी हुई?
- या फिर किसी कारण से टीम ने जोखिम लेने से बचा?
अभी तक टीम प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जिससे विवाद और बढ़ गया है।
भारत की धमाकेदार शुरुआत: सूर्यवंशी Vaibhav Suryavanshi और प्रियंश का तूफान
इंडिया A की पारी की शुरुआत बिल्कुल तूफानी रही। ओपनिंग जोड़ी वैभव सूर्यवंशी और प्रियंश आर्य ने शुरुआत से ही बांग्लादेश के गेंदबाज़ों पर जबरदस्त हमला बोला। दोनों बल्लेबाज़ नई गेंद पर किसी भी तरह की झिझक के बिना खेल रहे थे और हर गेंद पर बड़े शॉट लगाने का इरादा साफ दिख रहा था।
भारत की शुरुआती बैटिंग की झलक:
- वैभव सूर्यवंशी Vaibhav Suryavanshi – 38 रन (15 गेंद)
सूर्यवंशी ने आते ही चौके–छक्कों की बारिश शुरू कर दी। उनके बल्ले से निकले शॉट्स ने बांग्लादेश की आक्रामक गेंदबाज़ी को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। - प्रियंश आर्य – 44 रन (23 गेंद)
प्रियंश ने सूर्यवंशी का बखूबी साथ निभाया और पावरप्ले में आक्रामक बल्लेबाज़ी कर स्कोर को लगातार बढ़ाया।
दोनों ने मिलकर सिर्फ 3.1 ओवर में 50 से ज्यादा रन जोड़ दिए। ऐसा लग रहा था कि भारत आसानी से मैच अपने हक में कर लेगा। लेकिन जैसे ही वे बड़े शॉट खेलने की कोशिश में गए, दोनों तेजी से आउट हो गए और भारतीय पारी की गति थोड़ी धीमी पड़ गई।
इसके बाद पारी को संभालने की जिम्मेदारी आई:
- जितेश शर्मा – 33 (23 गेंद)
कप्तान ने कुछ शानदार शॉट लगाए और टीम को स्थिरता देने की कोशिश की, लेकिन वह भी अहम समय पर आउट हो गए। - नेहाल वढ़ेरा – 32 (28 गेंद)*
नेहाल ने बेहद संयमित बल्लेबाज़ी करते हुए पारी को टिकाए रखा और स्कोर को लक्ष्य के करीब पहुंचाया।
हालाँकि मध्य ओवरों में रन रेट की रफ़्तार कम हो गई, जिसकी वजह से भारत को अंत में बड़े शॉट्स पर निर्भर होना पड़ा। यही धीमी गति बाद में मैच के टेंशन को बढ़ा गई।
आखिरी ओवर का ड्रामा — 16 रन चाहिए थे, भारत ने चमत्कार कर दिया स्कोर बराबर
आखिरी ओवर में भारत को 16 रन चाहिए थे।
- बांग्लादेश की टाइट बॉलिंग
- भारत की संघर्षपूर्ण रनिंग
और फिर आखिरी गेंद पर मिसफील्ड और कीपर अकबर अली की गलत थ्रो
→ भारत ने 3 रन चुराकर मैच टाई कर दिया।
मगर सुपर ओवर वाली गलती पूरे रोमांच पर भारी पड़ गई।
निष्कर्ष
इंडिया A ने पूरे मैच में बहादुरी से लड़ाई की, लेकिन सुपर ओवर में हुई रणनीतिक चूक ने टीम को फाइनल की दौड़ से बाहर कर दिया। फैंस का मानना है कि अगर वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi)को सुपर ओवर में भेजा जाता, तो नतीजा शायद भारत के पक्ष में होता।
अब देखना यह है कि टीम मैनेजमेंट इस विवाद पर क्या सफाई देता है और क्या भविष्य में ऐसे फैसलों में पारदर्शिता लाई जाएगी।
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