
Picture source-https:/https://gjepc.org/
SAJEX 2025-भारत और खाड़ी देशों के बीच व्यापार और रचनात्मक साझेदारी को नया आयाम देने के लिए, मुंबई में एक विशेष डिज़ाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य भारत और Gulf Cooperation Council (GCC) देशों के प्रमुख ज्वेलरी डिज़ाइनरों को एक मंच पर लाकर संयुक्त रूप से ऐसे गहनों की रचना करना था, जो सऊदी अरब और खाड़ी देशों की सांस्कृतिक पसंद के अनुसार हों।
आयोजन स्थल और उद्देश्य
यह कार्यशाला भारत के SEEPZ, मुंबई में स्थित भारत रत्नम मेगा CFC केंद्र में आयोजित की गई। इस पहल का नेतृत्व Gem & Jewellery Export Promotion Council (GJEPC) ने किया, जो भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत है।
इस कार्यशाला का सीधा संबंध सितंबर 2025 में सऊदी अरब के जेद्दा सुपरडोम में होने वाले SAJEX 2025 (Saudi Arabia Jewellery Exposition) से है, जो GJEPC का सऊदी अरब में पहला बड़ा शो होगा।

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भारत-GCC डिज़ाइनरों का सहयोग
कार्यशाला में छह अनुभवी महिला डिज़ाइनर GCC देशों से मुंबई आईं, जिनमें सऊदी अरब, UAE, और अन्य खाड़ी देशों के नामी चेहरे शामिल थे। उन्होंने भारतीय ज्वेलरी निर्माताओं के साथ मिलकर बाजार की रुचियों को समझा और गहनों की नई डिज़ाइन रेंज पर चर्चा की।
भारत की ओर से कई नामी ज्वेलरी कंपनियों और डिज़ाइन स्कूलों ने हिस्सा लिया। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों के बीच डिज़ाइन की समझ को साझा करना और GCC उपभोक्ताओं के लिए विशेष कलेक्शन तैयार करना था।

प्रमुख वक्ताओं की बातें
GJEPC के कार्यकारी निदेशक सब्यसाची रे ने कहा,
“सऊदी अरब का गहनों का बाज़ार बहुत तेज़ी से बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में यह $8.5 बिलियन तक पहुंचने की संभावना है। भारत की डिज़ाइन क्षमता और मैन्युफैक्चरिंग स्ट्रेंथ इसे बखूबी पूरा कर सकती है।”
IIGJ मुंबई के चेयरमैन मिलन चोकशी ने बताया,
“आज का भारत सिर्फ पारंपरिक डिज़ाइन नहीं बनाता, बल्कि वैश्विक स्वाद और आधुनिकता को ध्यान में रखते हुए गहनों का निर्माण करता है। यही कारण है कि यह साझेदारी भविष्य के लिए बेहद अहम है।”
भविष्य की दिशा
SAJEX 2025 – यह कार्यशाला केवल डिज़ाइन के आदान-प्रदान का मंच नहीं था, बल्कि यह भारत और GCC देशों के बीच दीर्घकालिक व्यापारिक रिश्तों की नींव है। यह साझेदारी भारत के गहनों को एक वैश्विक पहचान देने की ओर एक बड़ा कदम है।
SAJEX 2025 जैसे आयोजन भारत को दुनिया के उन क्षेत्रों तक पहुंचने का अवसर दे रहे हैं जहां उच्च गुणवत्ता और सांस्कृतिक मेल वाले गहनों की बड़ी मांग है।
निष्कर्ष:
SAJEX 2025 -भारत और खाड़ी देशों के डिज़ाइनरों के बीच यह सहयोग केवल गहनों की डिज़ाइन तक सीमित नहीं है — यह दो सभ्यताओं की साझा अभिव्यक्ति है। ऐसे आयोजनों से न केवल व्यापार बढ़ेगा, बल्कि रचनात्मक सोच को भी वैश्विक मान्यता मिलेगी।
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