
Asrani Death News: के ‘अंग्रेजों के ज़माने के जेलर’ असरानी का 84 साल की उम्र में निधन। 57 साल के करियर में 350+ फिल्मों में काम किया। असरानी के पास 48 करोड़ की संपत्ति, कोई औलाद नहीं—कौन बनेगा वारिस? जानिए असरानी की पूरी जीवन यात्रा।
असरानी का सफर: संघर्ष से सुपरस्टार तक
फिल्म शोले के मशहूर “अंग्रेजों के ज़माने के जेलर” असरानी अब हमारे बीच नहीं रहे। 84 वर्ष की उम्र में उन्होंने 20 अक्टूबर 2025 को मुंबई के जूहू स्थित आरोग्य निधि अस्पताल में अंतिम सांस ली। बीते चार दिनों से वह फेफड़ों की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। डॉक्टरों के मुताबिक असरानी को क्रॉनिक रेस्पिरेटरी डिज़ीज़ थी, जो आखिरकार जानलेवा साबित हुई।
57 साल का करियर और 350 से अधिक फिल्में
Asrani Death : गोवर्धन असरानी, जिन्हें पूरी दुनिया प्यार से असरानी नाम से जानती है, ने करीब 57 साल के करियर में 350 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। उन्होंने कॉमेडी को ऐसा मुकाम दिया जो आज भी याद किया जाता है।
उनके करियर की शुरुआत 1967 की फिल्म हरे कांच की चूड़ियां से हुई थी। इसके बाद गुड्डी, परिचय, चुपके-चुपके, बावर्ची, रोटी और शोले जैसी फिल्मों में असरानी ने अभिनय से दर्शकों को हंसाया और भावुक भी किया।

करोड़ों की संपत्ति और वारिस कौन बनेगा?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार असरानी लगभग ₹48 करोड़ की संपत्ति छोड़ गए हैं।
इसमें उनका जुहू स्थित आलीशान फ्लैट, लक्जरी गाड़ियां, और निवेश शामिल हैं।
हालांकि असरानी और उनकी पत्नी मंजू बंसल असरानी के कोई बच्चे नहीं हैं।
ऐसे में सवाल उठता है—उनकी संपत्ति का वारिस कौन बनेगा?
कुछ रिपोर्ट्स का दावा है कि असरानी ने अपने भतीजे को गोद लिया था, और वही उनकी संपत्ति का वारिस बन सकता है। वहीं, कानूनी तौर पर पत्नी मंजू असरानी भी उनकी प्राथमिक वारिस मानी जा रही हैं।

Asrani Death:जिंदगी के आखिरी पल तक एक्टिव रहे असरानी
असरानी आखिरी वक्त तक फिल्मों से जुड़े रहे।
हाल ही में उन्होंने “भूत बंगला” और “हैवान” जैसी फिल्मों की शूटिंग पूरी की थी।
इन फिल्मों में अक्षय कुमार, सैफ अली खान और तब्बू जैसे कलाकार उनके साथ नजर आएंगे।
अब ये फिल्में असरानी के निधन के बाद रिलीज होंगी — जिससे दर्शकों के लिए यह पल बेहद भावुक होंगे।

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Asrani Death:एक्टर, कॉमेडियन और इंसान असरानी
असरानी का जन्म 1 जनवरी 1941 को जयपुर में हुआ था।
उन्होंने सेंट जेवियर्स स्कूल से पढ़ाई की और फिर पुणे के फिल्म एंड टेलीविज़न इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) से एक्टिंग की ट्रेनिंग ली।
उन्होंने न केवल हिंदी बल्कि गुजराती फिल्मों में भी काम किया और निर्देशन का जिम्मा भी संभाला।
राजेश खन्ना के साथ उनकी जोड़ी दर्शकों की पसंदीदा रही।
काका (राजेश खन्ना) उन्हें अपना लकी मैस्कट मानते थे।

शांतिपूर्ण विदाई
असरानी का अंतिम संस्कार मुंबई के सांता क्रूज़ स्थित शास्त्री नगर श्मशान भूमि में किया गया।
उन्होंने अपनी पत्नी से पहले ही कह दिया था कि उनके निधन पर कोई शोर-शराबा ना किया जाए।
इसी कारण परिवार ने शांतिपूर्वक अंतिम संस्कार किया।
कॉमिक टाइमिंग के बेताज बादशाह असरानी अब हमारे बीच नहीं हैं,
लेकिन उनका “हम अंग्रेजों के ज़माने के जेलर हैं” वाला डायलॉग हमेशा याद रहेगा।
निष्कर्ष
असरानी भारतीय सिनेमा के वो कलाकार थे जिन्होंने कॉमेडी को क्लास में बदल दिया।
उनका जीवन संघर्ष, मेहनत और जुनून का प्रतीक रहा।
वे भले ही चले गए हों, लेकिन उनके किरदार और संवाद हमेशा अमर रहेंगे।
Source:Google News