LPG Price 2026 नए साल 2026 की शुरुआत देशभर के होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, कैटरिंग और अन्य व्यावसायिक संस्थानों के लिए महंगाई का बड़ा झटका लेकर आई है। 1 जनवरी 2026 से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में ₹111 की बढ़ोतरी कर दी गई है। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे प्रमुख महानगरों में गैस सिलेंडर के नए रेट लागू हो गए हैं।

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1 जनवरी LPG Price 2026 से लागू हुए कमर्शियल LPG सिलेंडर के नए रेट
तेल विपणन कंपनियों (IOC, BPCL और HPCL) द्वारा जारी नई कीमतों के अनुसार, यह बढ़ोतरी पूरे देश में एक समान रूप से लागू की गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। तेल कंपनियों की मासिक मूल्य समीक्षा के तहत जारी नई दरों के अनुसार, प्रमुख महानगरों में 19 किलो कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतें इस प्रकार हैं:
महानगरों में कमर्शियल LPG Price 2026 सिलेंडर के नए दाम (₹/19 किलो)
| शहर | पुरानी कीमत (₹) | नई कीमत (₹) | बढ़ोतरी |
|---|
| दिल्ली | 1,580.50 | 1,691.50 | ₹111 |
| मुंबई | 1,531.50 | 1,642.50 | ₹111 |
| कोलकाता | 1,684.00 | 1,795.00 | ₹111 |
| चेन्नई | 1,739.50 | 1,849.50 | ₹110+ |
चेन्नई में कीमत पहले से ही ऊँची थी और अब वहां कमर्शियल सिलेंडर देश के सबसे महंगे रेट पर पहुंच गया है।

5 किलो फ्री ट्रेड LPG सिलेंडर भी हुआ महंगा
कमर्शियल सिलेंडर के साथ-साथ 5 किलो फ्री ट्रेड LPG (FTL) सिलेंडर की कीमतों में भी ₹27 की बढ़ोतरी की गई है। यह सिलेंडर छोटे व्यवसायों, फूड स्टॉल और अस्थायी कैटरिंग सेवाओं में काफी उपयोग होता है। नई दरें भी 1 जनवरी 2026 से ही लागू हो चुकी हैं।
घरेलू LPG Price 2026 सिलेंडर की कीमत स्थिर, उपभोक्ताओं को राहत
जहाँ एक ओर कमर्शियल उपभोक्ताओं पर महंगाई का दबाव बढ़ा है, वहीं घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत दी गई है।
14.2 किलो वाला घरेलू LPG सिलेंडर अभी भी ₹853 में ही उपलब्ध रहेगा।
गौरतलब है कि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में आखिरी बार अप्रैल 2025 में ₹50 की बढ़ोतरी की गई थी, उसके बाद से दाम स्थिर हैं।
क्यों बढ़ाई गई LPG Price 2026 सिलेंडर की कीमत?
तेल विपणन कंपनियां हर महीने अंतरराष्ट्रीय बाजार और लागत के आधार पर LPG की कीमतों की समीक्षा करती हैं। जानकारों के अनुसार, कमर्शियल LPG की कीमत बढ़ने के पीछे कई कारण हैं:
- अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल और LPG कीमतों में उतार-चढ़ाव
- डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति
- आयात और लॉजिस्टिक्स लागत में बढ़ोतरी
- तेल कंपनियों पर बढ़ता वित्तीय दबाव
हालांकि केंद्र सरकार घरेलू LPG पर सब्सिडी और मूल्य स्थिरता बनाए रखने के लिए लगातार हस्तक्षेप करती रही है।
होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री पर सीधा असर
कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने का सबसे बड़ा असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, बेकरी और कैटरिंग इंडस्ट्री पर पड़ेगा। इन व्यवसायों में गैस एक प्रमुख लागत होती है।
संभावित प्रभाव:
- खाने-पीने की वस्तुओं के दाम बढ़ सकते हैं
- ऑपरेटिंग कॉस्ट में इजाफा
- छोटे कारोबारियों पर ज्यादा दबाव
- मुनाफा मार्जिन कम होने की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह महंगाई लंबे समय तक बनी रही तो इसका असर आम उपभोक्ताओं तक भी पहुंच सकता है।
सरकार का रुख: तेल कंपनियों को आर्थिक मदद
इससे पहले केंद्र सरकार ने LPG Price 2026 कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए बड़ा कदम उठाया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने ₹30,000 करोड़ के मुआवजा पैकेज को मंजूरी दी थी, जो तेल कंपनियों को 12 किस्तों में दिया जाना है।
इस पैकेज का उद्देश्य:
- तेल कंपनियों के घाटे की भरपाई
- घरेलू LPG कीमतों को स्थिर रखना
- वैश्विक कीमतों के असर को कम करना
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी कई बार यह स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकार आम जनता पर अतिरिक्त बोझ नहीं डालना चाहती।
पिछली कीमतों की तुलना: नवंबर 2025 में मिला था आंशिक राहत
नवंबर 2025 की मासिक समीक्षा में तेल कंपनियों ने:
- कमर्शियल LPG के दामों में ₹6.50 तक की कटौती की थी
- वहीं ATF (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) की कीमतों में करीब 1% की बढ़ोतरी हुई थी
लेकिन जनवरी 2026 की समीक्षा में तस्वीर पूरी तरह बदल गई और कमर्शियल गैस पर बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिली।
आगे क्या? अगले रिव्यू तक लागू रहेंगी कीमतें
तेल विपणन कंपनियों ने साफ किया है कि:
- नई कीमतें 1 जनवरी LPG Price 2026 से लागू हो चुकी हैं
- ये दरें अगली मासिक समीक्षा तक प्रभावी रहेंगी
अर्थात फरवरी 2026 की शुरुआत में अगला बदलाव देखने को मिल सकता है।
निष्कर्ष
नए साल के पहले ही दिन कमर्शियल LPG Price 2026 सिलेंडर की कीमतों में ₹111 की बढ़ोतरी ने व्यापारिक वर्ग की चिंता बढ़ा दी है। जहां घरेलू उपभोक्ताओं को राहत दी गई है, वहीं होटल-रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों को बढ़ी हुई लागत का सामना करना पड़ेगा।
अब सभी की निगाहें अगली मूल्य समीक्षा पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि महंगाई का यह दबाव आगे और बढ़ेगा या कुछ राहत मिलेगी।
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